BALCO की आड़ में नियमों को ठेंगा ? G+9 प्रोजेक्ट के GM के बिगड़े बोल, बोले – कलेक्टर क्या करेगा, हम उससे बड़ा काम कर रहे
कोरबा।
BALCO क्षेत्र में निर्माणाधीन G+9 अपार्टमेंट प्रोजेक्ट अब केवल निर्माण कार्य तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि यह मामला प्रशासनिक अवहेलना, नियम उल्लंघन और ठेकेदार कंपनी के अधिकारियों की आत्ममुग्ध मानसिकता का उदाहरण बनता जा रहा है। प्रोजेक्ट से जुड़ी ठेकेदार कंपनी AHLUWALIA CONTRACTS (INDIA) LIMITED के जनरल मैनेजर अंशु कुमार सिंह के कथित बिगड़े बोल सामने आने के बाद मामला तूल पकड़ता जा रहा है।
प्रत्यक्षदर्शियों और सूत्रों के अनुसार, जनरल मैनेजर अंशु कुमार सिंह ने बातचीत के दौरान खुलेआम यह कह दिया कि –
“कलेक्टर क्या करेगा, हम उससे भी बड़ा काम कर रहे हैं।”
इस बयान को सीधे तौर पर जिला प्रशासन और कलेक्टर की गरिमा पर हमला माना जा रहा है। जिम्मेदार पद पर बैठे अधिकारी द्वारा इस तरह की भाषा यह दर्शाती है कि उन्हें न तो प्रशासनिक व्यवस्था की परवाह है और न ही कानून की सीमाओं का कोई सम्मान।
पेड़ों पर ज्यादा बयानबाज़ी, कानून पर चुप्पी
सूत्रों का कहना है कि GM अंशु कुमार सिंह अपने कथनों में बार-बार पेड़ों को शिफ्ट करने का बखान करते रहे। जबकि जिस क्षेत्र में यह G+9 प्रोजेक्ट चल रहा है, वहां कई पेड़ों की कटाई और स्थानांतरण पर सुप्रीम कोर्ट के स्पष्ट निर्देशों के तहत रोक लागू है। इसके बावजूद, पेड़ों पर काम करने का दावा यह संकेत देता है कि नियमों को केवल औपचारिकता समझा जा रहा है।
BALCO की आड़ में नियमों को रौंदने की तैयारी ?
पूरा G+9 अपार्टमेंट प्रोजेक्ट BALCO क्षेत्र में संचालित है। स्थानीय लोगों और जानकारों का कहना है कि BALCO के नाम और प्रभाव की आड़ में ठेकेदार कंपनी के अधिकारी खुद को कानून और प्रशासन से ऊपर समझने लगे हैं। GM के बयान इसी मानसिकता को उजागर करते हैं।
आरोप है कि प्रोजेक्ट से जुड़े कार्यों में पर्यावरणीय नियमों, प्रशासनिक अनुमति और न्यायालयीन निर्देशों को नजरअंदाज किया जा रहा है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी इसे स्वीकार करने के बजाय अहंकार भरी बयानबाज़ी में लगे हैं।
प्रशासन की चुप्पी भी सवालों के घेरे में
इतने गंभीर और कथित बयान सामने आने के बावजूद अब तक जिला प्रशासन या कलेक्टर कार्यालय की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया या स्पष्टीकरण सामने नहीं आया है। प्रशासन की यह चुप्पी GM के हौसले और बढ़ा सकती है।
उठते अहम सवाल
- क्या किसी ठेकेदार कंपनी का GM जिला प्रशासन को खुलेआम चुनौती दे सकता है?
- क्या सुप्रीम कोर्ट से प्रतिबंधित पेड़ों पर काम करने की तैयारी की जा रही है?
- क्या BALCO G+9 प्रोजेक्ट में नियम केवल दिखावे तक सीमित रह गए हैं?
यदि समय रहते इस मामले में कार्रवाई नहीं की गई, तो यह प्रकरण केवल एक निर्माण प्रोजेक्ट तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि यह प्रशासनिक कमजोरी और कानून के प्रति लापरवाही का बड़ा उदाहरण बन सकता है।
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