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विपक्ष ने स्कूलों की फीस और निमार्ण कार्यों की रोक पर सरकार को घेरा

सरकार ने परीक्षण का हवाला दिया

रायपुर। विधानसभा की कार्यवाही के पांचवे दिन आज शुरूआत में ही नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक ने पूछा कि फीस नियामक आयोग का गठन कब तक करेंगे? साथ ही उन्होने कहा कि राजस्व मंत्री हर निर्माण कार्यों में परीक्षण कराने की बात करते हैं। इस पर उन्हें घोर आपत्ति है। इसके अलावा अजीत जोगी ने आज स्कूल में आरक्षित सीटों की संख्या पर भी सवाल उठाया।
पहले ही सवालों पर शिक्षा मंत्री प्रेमसाय सिंह सवालों में घिर गये। बिलासपुर में प्राइवेट स्कूलों में फीस को लेकर शुरु हुआ शोर शराबा तीखी नोंक-झोंक
और नारेबाजी में शुरू हो गयी। विधायक रजनीश सिंह ने ये सवाल पूछा कि स्कूलों में अधिसूचित फीस कितनी ली जा रही है। मनमानी फीस को लेकर लगे आरोपों पर मंत्री प्रेमसाय सिंह ने फीस नियामक आयोग के गठन की बात कही।
वहीं अजीत जोगी ने प्रदेश में आरआईटी के तहत आरक्षित सीटों की संख्या की जानकारी मांगी। उन्होंने कहा कि स्कूल प्रबंधक बहाना मार रहें कि उन्हें पैसा नहीं मिल रहा है। केंद्र सरकार से अनुरोध कर अपना अंश मिलाकर स्कूलों को पैसा दें ताकि स्कूलों को बहाना न मिले। उन्होने कहा कि केंद्र से कितनी राशि मिली आपने कितनी राशि मिलाया। इसकी जानकारी दें।
सवाल का जवाब देते हुए मंत्री टेकाम ने बताया कि 60 प्रतिशत केंद्र और 40 प्रतिशत राज्य सरकार देती है। 168 करोड़ रुपया का भुगतान स्कूलों को बकाया है जिसे शीघ्र कर दिया जाएगा। मंत्री ने बताया कि 2016-17 में 64962 सीटें आरक्षित थी। इसमें 38232 छात्रों ने प्रवेश लिया। 2017-18 में 84204 में से 42297 छात्रों ने प्रवेश लिया और वर्ष 2018-19 में 90057 सीटें आरक्षित थी। इसमें 45347 छात्रों को प्रवेश दिया गया है।

 
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