राज्य एव शहर

हसदेव तट नहर की दिशा परिवर्तित करने के मामले में एग्जीक्यूटिव इंजीनियर निलंबित, विधायक देवव्रत सिंह ने उठाया मामला

रायपुर। कोरबा में एसईसीएल की ओर से हसदेव तट नहर की दिशा परिवर्तित करने के मामले में एग्जीक्यूटिव इंजीनियर पर गाज गिरी। सरकार ने गुरुवार को उन्हें निलंबित कर दिया है। इसके साथ ही मामले की जांच के भी आदेश दे दिए गए हैं। बजट सत्र के दौरान इस मामले को जेसीसी विधायक देवव्रत सिंह ने उठाया था।
बजट सत्र के दौरान जेसीसी विधायक देवव्रत सिंह ने ध्यानाकर्षण के जरिए सदन में यह मामला उठाया था। जल संसाधन मंत्री रविंद्र चौबे ने कहा कि कार्य क्षेत्र के बाहर जाकर किए गए काम की जांच भी की जाएगी। उन्होंने कहा कि किसानों के हित में काम किया जाएगा। भारत सरकार से भी पत्राचार किया जा रहा है।
प्रदेश में बने सभी एनीकट निर्माण की होगी समीक्षा
वहीं जांजगीर-चांपा में हसदेव नदी पर बने एनीकट के बह जाने का मामला सदन में उठा। भाजपा विधायक नारायण चंदेल ने कहा, हसदेव नदी में पीथमपुर से हथनेवरा के बीच सोठी एनीकट घटिया निर्माण होने की वजह से बह गया। इससे लोगों में नाराजगी है।
विधायक चंदेल ने सरकार से घटिया निर्माण के लिए जिम्मेदार अधिकारियों की संपत्ति जब्त करने की मांग की। उन्होंने कहा, जिम्मेदार अधिकारियों की संपत्ति जप्त होनी चाहिए। छोटे अधिकारियों पर ही कार्रवाई हो जाती है, जबकि बड़े अधिकारी बच जाते हैं। बड़े अफसरों पर कार्रवाई कब होगी?
विधायक के सवाल पर जल संसाधन मंत्री रविंद्र चौबे ने सदन में जांच का ऐलान किया। उन्होने कहा, एनीकट की मरम्मत की जा रही है। हम जिम्मदारों के खिलाफ जांच भी कराएंगे। इस सत्र में लगातार एनीकटों के गुणवत्ताविहीन निर्माण और भ्रष्टाचार को लेकर सदस्यों के द्वारा उठाया जा रहा है।
इसे लेकर स्पीकर डॉ चरणदास महंत ने मंत्री को सभी एनीकट की समीक्षा करने का निर्देश दिया। स्पीकर ने कहा कि प्रदेश में जितने भी एनीकेट बने हैं? उनकी क्या स्थिति है? कितने टूटने वाले है? इसकी भी समीक्षा की जाए। रविंद्र चौबे ने कहा निर्देश का पालन किया जाएगा।

 
HOTEL STAYORRA नीचे वीडियो देखें
Gram Yatra News Video

Live Cricket Info

Related Articles

Back to top button