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तीन साल में किराये के हेलीकाप्टर पर 48 करोड़ फूंक दिए पुलिस विभाग ने

मुख्यमंत्री ने माना फिजूलखर्च हुआ है

रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा में सोमवार को पिछले तीन वर्षों पर छत्तीसगढ़ पुलिस विभाग द्वारा किराये के हेलीकाप्टर पर किए गए 48 करोड़ रुपए से अधिक के खर्च का मुद्दे पर मुख्यमंत्री ने माना की इसमें किया गया खर्च फिजूलखर्ची है।
प्रश्रकाल में सोमवार को सत्ता पक्ष के विधायक अरूण वोरा ने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से पूछा कि वर्ष 2016 से लेकर 2018 की अवधि में कितने हेलीकाप्टर किराए पर लिए गए और इसके लिए कब-कब टेण्डर जारी किए गए । किन-किन कंपनियों ने इस टेण्डर में भाग लिया और उनमें से कितने कंपनियो को टेण्डर दिए गए ।
जवाब में मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य पुलिस विभाग के शासकीय उपयोग हेतु एक डबल इंजन हेलीकाप्टर किराये से लेने हेतु पहली बार टेण्डर 23 जनवरी 2016 को जारी किया गया जो असफल रहा। 13 जुलाई 2016 को पुन: जारी किया गया जो सफल रहा। राज्य शासन के शासकीय उपयोग हेतु एक डबल इंजन हेलीकाप्टर किराये से लेने का टेण्डर हेलीकाप्टर 9-616 को जारी किया गया। वर्ष 2017 एवं 2018 में कोई टेण्डर जारी नहीं किया गया। मुख्यमंत्री ने बताया कि टेण्डर में भाग लेने वाली कंपनियों में ढिल्लन एवियेशन को छोड़कर अन्य सभी कंपनियों को शर्ते पूरी न करने की वजह से उनके टेण्डर निरस्त कर दिए गए थे। मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि ढिल्लन एवियेशन को 29 करोड़ रुपए का भुगतान किया गया। इस पर कांग्रेस के मोहन मरकाम ने कहा कि इतने पैसे में नए हेलीकाप्टर खरीदे जा सकते थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि पुलिस विभाग ने किराये के हेलीकाप्टर पर 48 करोड़ रुपए खर्च कर डाले है। उन्होंने से इसे फिजूलखर्च मानते हुए कहा कि इस पर हम फिर से विचार करेंगे।

 
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